عیسائیت
واپس

मुकाशफ़ा 3

1सरदीस में मौजूद जमात के फ़रिश्ते को यह लिख देना : यह उसका फ़रमान है जो अल्लाह की सात रूहों और सात सितारों को अपने हाथ में थामे रखता है। मैं तेरे कामों को जानता हूँ। तू ज़िंदा तो कहलाता है लेकिन है मुरदा।

2जाग उठ! जो बाक़ी रह गया है और मरनेवाला है उसे मज़बूत कर। क्योंकि मैंने तेरे काम अपने ख़ुदा की नज़र में मुकम्मल नहीं पाए।

3चुनाँचे जो कुछ तुझे मिला है और जो तूने सुना है उसे याद रखना। उसे महफ़ूज़ रख और तौबा कर। अगर तू बेदार न हो तो मैं चोर की तरह आऊँगा और तुझे मालूम नहीं होगा कि मैं कब तुझ पर आन पड़ूँगा।

4लेकिन सरदीस में तेरे कुछ ऐसे लोग हैं जिन्होंने अपने लिबास आलूदा नहीं किए। वह सफ़ेद कपड़े पहने हुए मेरे साथ चलें-फिरेंगे, क्योंकि वह इसके लायक़ हैं।

5जो ग़ालिब आएगा वह भी उनकी तरह सफ़ेद कपड़े पहने हुए फिरेगा। मैं उसका नाम किताबे-हयात से नहीं मिटाऊँगा बल्कि अपने बाप और उसके फ़रिश्तों के सामने इक़रार करूँगा कि यह मेरा है।

6जो सुन सकता है वह सुन ले कि रूहुल-क़ुद्स जमातों को क्या कुछ बता रहा है।

7फ़िलदिलफ़िया में मौजूद जमात के फ़रिश्ते को यह लिख देना : यह उसका फ़रमान है जो क़ुद्दूस और सच्चा है, जिसके हाथ में दाऊद की चाबी है। जो कुछ वह खोलता है उसे कोई बंद नहीं कर सकता, और जो कुछ वह बंद कर देता है उसे कोई खोल नहीं सकता।

8मैं तेरे कामों को जानता हूँ। देख, मैंने तेरे सामने एक ऐसा दरवाज़ा खोल रखा है जिसे कोई बंद नहीं कर सकता। मुझे मालूम है कि तेरी ताक़त कम है। लेकिन तूने मेरे कलाम को महफ़ूज़ रखा है और मेरे नाम का इनकार नहीं किया।

9देख, जहाँ तक उनका ताल्लुक़ है जो इबलीस की जमात से हैं, वह जो यहूदी होने का दावा करते हैं हालाँकि वह झूट बोलते हैं, मैं उन्हें तेरे पास आने दूँगा, उन्हें तेरे पाँवों में झुककर यह तसलीम करने पर मजबूर करूँगा कि मैंने तुझे प्यार किया है।

10तूने मेरा साबितक़दम रहने का हुक्म पूरा किया, इसलिए मैं तुझे आज़माइश की उस घड़ी से बचाए रखूँगा जो पूरी दुनिया पर आकर उसमें बसनेवालों को आज़माएगी।

11मैं जल्द आ रहा हूँ। जो कुछ तेरे पास है उसे मज़बूती से थामे रखना ताकि कोई तुझसे तेरा ताज छीन न ले।

12जो ग़ालिब आएगा उसे मैं अपने ख़ुदा के घर में सतून बनाऊँगा, ऐसा सतून जो उसे कभी नहीं छोड़ेगा। मैं उस पर अपने ख़ुदा का नाम और अपने ख़ुदा के शहर का नाम लिख दूँगा, उस नए यरूशलम का नाम जो मेरे ख़ुदा के हाँ से उतरनेवाला है। हाँ, मैं उस पर अपना नया नाम भी लिख दूँगा।

13जो सुन सकता है वह सुन ले कि रूहुल-क़ुद्स जमातों को क्या कुछ बता रहा है।

14लौदीकिया में मौजूद जमात के फ़रिश्ते को यह लिख देना : यह उसका फ़रमान है जो आमीन है, वह जो वफ़ादार और सच्चा गवाह और अल्लाह की कायनात का मंबा है।

15मैं तेरे कामों को जानता हूँ। तू न तो सर्द है, न गरम। काश तू इनमें से एक होता!

16लेकिन चूँकि तू नीमगरम है, न गरम, न सर्द, इसलिए मैं तुझे क़ै करके अपने मुँह से निकाल फेंकूँगा।

17तू कहता है, ‘मैं अमीर हूँ, मैंने बहुत दौलत हासिल कर ली है और मुझे किसी भी चीज़ की ज़रूरत नहीं।’ और तू नहीं जानता कि तू असल में बदबख़्त, क़ाबिले-रहम, ग़रीब, अंधा और नंगा है।

18मैं तुझे मशवरा देता हूँ कि मुझसे आग में ख़ालिस किया गया सोना ख़रीद ले। तब ही तू दौलतमंद बनेगा। और मुझसे सफ़ेद लिबास ख़रीद ले जिसको पहनने से तेरे नंगेपन की शर्म ज़ाहिर नहीं होगी। इसके अलावा मुझसे आँखों में लगाने के लिए मरहम ख़रीद ले ताकि तू देख सके।

19जिनको मैं प्यार करता हूँ उनकी मैं सज़ा देकर तरबियत करता हूँ। अब संजीदा हो जा और तौबा कर।

20देख, मैं दरवाज़े पर खड़ा खटखटा रहा हूँ। अगर कोई मेरी आवाज़ सुनकर दरवाज़ा खोले तो मैं अंदर आकर उसके साथ खाना खाऊँगा और वह मेरे साथ।

21जो ग़ालिब आए उसे मैं अपने साथ अपने तख़्त पर बैठने का हक़ दूँगा, बिलकुल उसी तरह जिस तरह मैं ख़ुद भी ग़ालिब आकर अपने बाप के साथ उसके तख़्त पर बैठ गया।

22जो सुन सकता है वह सुन ले कि रूहुल-क़ुद्स जमातों को क्या कुछ बता रहा है।”

ذریعہ: किताबे-मुक़द्दस

WEBREATH · 11:11

«He himself gives everyone life and breath and everything else» — Acts 17:25

Breath is one for all: everyone lives by it, whoever they are and whatever they believe. Every day at 11:11 local time people stop for sixty seconds, breathe, and thank GOD for the breath — each in their own words, each within themselves. In that minute we are One Breath.

WEBREATH — the Minute at 11:11, your own local time — we are One Breath