عیسائیت
واپس

मुकाशफ़ा 10

1फिर मैंने एक और ताक़तवर फ़रिश्ता देखा। वह बादल ओढ़े हुए आसमान से उतर रहा था और उसके सर के ऊपर क़ौसे-क़ुज़ह थी। उसका चेहरा सूरज जैसा था और उसके पाँव आग के सतून जैसे।

2उसके हाथ में एक छोटा तूमार था जो खुला था। अपने एक पाँव को उसने समुंदर पर रख दिया और दूसरे को ज़मीन पर।

3फिर वह ऊँची आवाज़ से पुकार उठा। ऐसे लगा जैसे शेरबबर गरज रहा है। इस पर कड़क की सात आवाज़ें बोलने लगीं।

4उनके बोलने पर मैं उनकी बातें लिखने को था कि एक आवाज़ ने कहा, “कड़क की सात आवाज़ों की बातों पर मुहर लगा और उन्हें मत लिखना।”

5फिर उस फ़रिश्ते ने जिसे मैंने समुंदर और ज़मीन पर खड़ा देखा अपने दहने हाथ को आसमान की तरफ़ उठाकर

6अल्लाह के नाम की क़सम खाई, उसके नाम की जो अज़ल से अबद तक ज़िंदा है और जिसने आसमानों, ज़मीन और समुंदर को उन तमाम चीज़ों समेत ख़लक़ किया जो उनमें हैं। फ़रिश्ते ने कहा, “अब देर नहीं होगी।

7जब सातवाँ फ़रिश्ता अपने तुरम में फूँक मारने को होगा तब अल्लाह का भेद जो उसने अपने नबुव्वत करनेवाले ख़ादिमों को बताया था तकमील तक पहुँचेगा।”

8फिर जो आवाज़ आसमान से सुनाई दी थी उसने एक बार फिर मुझसे बात की, “जा, वह तूमार ले लेना जो समुंदर और ज़मीन पर खड़े फ़रिश्ते के हाथ में खुला पड़ा है।”

9चुनाँचे मैंने फ़रिश्ते के पास जाकर उससे गुज़ारिश की कि वह मुझे छोटा तूमार दे। उसने मुझसे कहा, “इसे ले और खा ले। यह तेरे मुँह में शहद की तरह मीठा लगेगा, लेकिन तेरे मेदे में कड़वाहट पैदा करेगा।”

10मैंने छोटे तूमार को फ़रिश्ते के हाथ से लेकर उसे खा लिया। मेरे मुँह में तो वह शहद की तरह मीठा लग रहा था, लेकिन मेदे में जाकर उसने कड़वाहट पैदा कर दी।

11फिर मुझे बताया गया, “लाज़िम है कि तू बहुत उम्मतों, क़ौमों, ज़बानों और बादशाहों के बारे में मज़ीद नबुव्वत करे।”

ذریعہ: किताबे-मुक़द्दस

WEBREATH · 11:11

«He himself gives everyone life and breath and everything else» — Acts 17:25

Breath is one for all: everyone lives by it, whoever they are and whatever they believe. Every day at 11:11 local time people stop for sixty seconds, breathe, and thank GOD for the breath — each in their own words, each within themselves. In that minute we are One Breath.

WEBREATH — the Minute at 11:11, your own local time — we are One Breath