عیسائیت
واپس

ज़बूर 91

1जो अल्लाह तआला की पनाह में रहे वह क़ादिरे-मुतलक़ के साये में सुकूनत करेगा।

2मैं कहूँगा, “ऐ रब, तू मेरी पनाह और मेरा क़िला है, मेरा ख़ुदा जिस पर मैं भरोसा रखता हूँ।”

3क्योंकि वह तुझे चिड़ीमार के फंदे और मोहलक मरज़ से छुड़ाएगा।

4वह तुझे अपने शाहपरों के नीचे ढाँप लेगा, और तू उसके परों तले पनाह ले सकेगा। उस की वफ़ादारी तेरी ढाल और पुश्ता रहेगी।

5रात की दहशतों से ख़ौफ़ मत खा, न उस तीर से जो दिन के वक़्त चले।

6उस मोहलक मरज़ से दहशत मत खा जो तारीकी में घूमे फिरे, न उस वबाई बीमारी से जो दोपहर के वक़्त तबाही फैलाए।

7गो तेरे साथ खड़े हज़ार अफ़राद हलाक हो जाएँ और तेरे दहने हाथ दस हज़ार मर जाएँ, लेकिन तू उस की ज़द में नहीं आएगा।

8तू अपनी आँखों से इसका मुलाहज़ा करेगा, तू ख़ुद बेदीनों की सज़ा देखेगा।

9क्योंकि तूने कहा है, “रब मेरी पनाहगाह है,” तू अल्लाह तआला के साये में छुप गया है।

10इसलिए तेरा किसी बला से वास्ता नहीं पड़ेगा, कोई आफ़त भी तेरे ख़ैमे के क़रीब फटकने नहीं पाएगी।

11क्योंकि वह अपने फ़रिश्तों को हर राह पर तेरी हिफ़ाज़त करने का हुक्म देगा,

12और वह तुझे अपने हाथों पर उठा लेंगे ताकि तेरे पाँवों को पत्थर से ठेस न लगे।

13तू शेरबबरों और ज़हरीले साँपों पर क़दम रखेगा, तू जवान शेरों और अज़दहाओं को कुचल देगा।

14रब फ़रमाता है, “चूँकि वह मुझसे लिपटा रहता है इसलिए मैं उसे बचाऊँगा। चूँकि वह मेरा नाम जानता है इसलिए मैं उसे महफ़ूज़ रखूँगा।

15वह मुझे पुकारेगा तो मैं उस की सुनूँगा। मुसीबत में मैं उसके साथ हूँगा। मैं उसे छुड़ाकर उस की इज़्ज़त करूँगा।

16मैं उसे उम्र की दराज़ी बख़्शूँगा और उस पर अपनी नजात ज़ाहिर करूँगा।”

ذریعہ: किताबे-मुक़द्दस

WEBREATH · 11:11

«He himself gives everyone life and breath and everything else» — Acts 17:25

Breath is one for all: everyone lives by it, whoever they are and whatever they believe. Every day at 11:11 local time people stop for sixty seconds, breathe, and thank GOD for the breath — each in their own words, each within themselves. In that minute we are One Breath.

WEBREATH — the Minute at 11:11, your own local time — we are One Breath