ईसाई धर्म
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भजन संहिता 76

1परमेश्वर यहूदा में जाना गया है, उसका नाम इस्राएल में महान हुआ है।

2और उसका मण्डप शालेम में, और उसका धाम सिय्योन में है।

3वहाँ उसने तीरों को, ढाल, तलवार को और युद्ध के अन्य हथियारों को तोड़ डाला। (सेला)

4हे परमेश्वर, तू तो ज्योतिर्मय है: तू अहेर से भरे हुए पहाड़ों से अधिक उत्तम और महान है।

5दृढ़ मनवाले लुट गए, और भारी नींद में पड़े हैं; और शूरवीरों में से किसी का हाथ न चला।

6हे याकूब के परमेश्वर, तेरी घुड़की से, रथों समेत घोड़े भारी नींद में पड़े हैं।

7केवल तू ही भययोग्य है; और जब तू क्रोध करने लगे, तब तेरे सामने कौन खड़ा रह सकेगा?

8तूने स्वर्ग से निर्णय सुनाया है; पृथ्वी उस समय सुनकर डर गई, और चुप रही,

9जब परमेश्वर न्याय करने को, और पृथ्वी के सब नम्र लोगों का उद्धार करने को उठा76:9 जब परमेश्वर न्याय करने .... उठा: अर्थात् जब वह अपनी प्रजा के शत्रुओं को उखाड़ फेंकने और नष्ट करने आया जैसा इस भजन के पूर्वोक्त अंश में व्यक्त है।। (सेला)

10निश्चय मनुष्य की जलजलाहट तेरी स्तुति का कारण हो जाएगी, और जो जलजलाहट रह जाए, उसको तू रोकेगा।

11अपने परमेश्वर यहोवा की मन्नत मानो, और पूरी भी करो; वह जो भय के योग्य है76:11 वह जो भय के योग्य है: यह भय उत्पन्न करने के लिए नहीं है कि भेंटे चढ़ाई जाएँ परन्तु वे इसलिए चढ़ाई जाएँ कि उसने प्रगट कर दिया कि वही भय और श्रद्धा के योग्य है।, उसके आस-पास के सब उसके लिये भेंट ले आएँ।

12वह तो प्रधानों का अभिमान मिटा देगा; वह पृथ्वी के राजाओं को भययोग्य जान पड़ता है।

स्रोत: इंडियन रिवाइज्ड वर्जन

WEBREATH · 11:11

«वह तो आप ही सब को जीवन और श्वास और सब कुछ देता है» — प्रेरितों के काम 17:25

श्वास सबकी एक है: हर कोई इसी से जीता है, चाहे वह कोई भी हो और किसी में भी आस्था रखता हो। हर दिन स्थानीय समय 11:11 पर लोग साठ सेकंड के लिए रुकते हैं, साँस लेते हैं और साँस के लिए ईश्वर को धन्यवाद देते हैं — हर कोई अपने शब्दों में, हर कोई अपने भीतर। इस मिनट में हम एक ही श्वास हैं।

WEBREATH — आपके स्थानीय समय 11:11 पर मिनट — हम एक ही श्वास हैं