ईसाई धर्म
वापस

भजन संहिता 6

1हे यहोवा, तू मुझे अपने क्रोध में न डाँट6:1 मुझे अपने क्रोध में न डाँट: जैसे कि मानो उस पर आनेवाले कष्टों के द्वारा उसको झिड़क रहा है।, और न रोष में मुझे ताड़ना दे।

2हे यहोवा, मुझ पर दया कर, क्योंकि मैं कुम्हला गया हूँ; हे यहोवा, मुझे चंगा कर, क्योंकि मेरी हड्डियों में बेचैनी है।

3मेरा प्राण भी बहुत खेदित है। और तू, हे यहोवा, कब तक? (यूह. 12:27)

4लौट आ, हे यहोवा6:4 लौट आ, हे यहोवा: जैसे कि मानो वह उसे छोड़कर चला गया और उसे मरने के लिए छोड़ दिया है।, और मेरे प्राण बचा; अपनी करुणा के निमित्त मेरा उद्धार कर।

5क्योंकि मृत्यु के बाद तेरा स्मरण नहीं होता; अधोलोक में कौन तेरा धन्यवाद करेगा?

6मैं कराहते-कराहते थक गया; मैं अपनी खाट आँसुओं से भिगोता हूँ; प्रति रात मेरा बिछौना भीगता है।

7मेरी आँखें शोक से बैठी जाती हैं, और मेरे सब सतानेवालों के कारण वे धुँधला गई हैं।

8हे सब अनर्थकारियों मेरे पास से दूर हो; क्योंकि यहोवा ने मेरे रोने का शब्द सुन लिया है। (मत्ती 7:23, लूका 13:27)

9यहोवा ने मेरा गिड़गिड़ाना सुना है6:9 यहोवा ने मेरा गिड़गिड़ाना सुना है: जैसा उसने किया है, वैसा वह आगे भी करेगा।; यहोवा मेरी प्रार्थना को ग्रहण भी करेगा।

10मेरे सब शत्रु लज्जित होंगे और बहुत ही घबराएँगे; वे पराजित होकर पीछे हटेंगे, और एकाएक लज्जित होंगे।

स्रोत: इंडियन रिवाइज्ड वर्जन

WEBREATH · 11:11

«वह तो आप ही सब को जीवन और श्वास और सब कुछ देता है» — प्रेरितों के काम 17:25

श्वास सबकी एक है: हर कोई इसी से जीता है, चाहे वह कोई भी हो और किसी में भी आस्था रखता हो। हर दिन स्थानीय समय 11:11 पर लोग साठ सेकंड के लिए रुकते हैं, साँस लेते हैं और साँस के लिए ईश्वर को धन्यवाद देते हैं — हर कोई अपने शब्दों में, हर कोई अपने भीतर। इस मिनट में हम एक ही श्वास हैं।

WEBREATH — आपके स्थानीय समय 11:11 पर मिनट — हम एक ही श्वास हैं