عیسائیت
واپس

ज़बूर 58

1दाऊद का सुनहरा गीत। मौसीक़ी के राहनुमा के लिए। तर्ज़ : तबाह न कर। ऐ हुक्मरानो, क्या तुम वाक़ई मुंसिफ़ाना फ़ैसला करते, क्या दियानतदारी से आदमज़ादों की अदालत करते हो?

2हरगिज़ नहीं, तुम दिल में बदी करते और मुल्क में अपने ज़ालिम हाथों के लिए रास्ता बनाते हो।

3बेदीन पैदाइश से ही सहीह राह से दूर हो गए हैं, झूट बोलनेवाले माँ के पेट से ही भटक गए हैं।

4वह साँप की तरह ज़हर उगलते हैं, उस बहरे नाग की तरह जो अपने कानों को बंद कर रखता है

5ताकि न जादूगर की आवाज़ सुने, न माहिर सपेरे के मंत्र।

6ऐ अल्लाह, उनके मुँह के दाँत तोड़ डाल! ऐ रब, जवान शेरबबरों के जबड़े को पाश पाश कर!

7वह उस पानी की तरह ज़ाया हो जाएँ जो बहकर ग़ायब हो जाता है। उनके चलाए हुए तीर बेअसर रहें।

8वह धूप में घोंगे की मानिंद हों जो चलता चलता पिघल जाता है। उनका अंजाम उस बच्चे का-सा हो जो माँ के पेट में ज़ाया होकर कभी सूरज नहीं देखेगा।

9इससे पहले कि तुम्हारी देगें काँटेदार टहनियों की आग महसूस करें अल्लाह उन सबको आँधी में उड़ाकर ले जाएगा।

10आख़िरकार दुश्मन को सज़ा मिलेगी। यह देखकर रास्तबाज़ ख़ुश होगा, और वह अपने पाँवों को बेदीनों के ख़ून में धो लेगा।

11तब लोग कहेंगे, “वाक़ई रास्तबाज़ को अज्र मिलता है, वाक़ई अल्लाह है जो दुनिया में लोगों की अदालत करता है!”

ذریعہ: किताबे-मुक़द्दस

WEBREATH · 11:11

«He himself gives everyone life and breath and everything else» — Acts 17:25

Breath is one for all: everyone lives by it, whoever they are and whatever they believe. Every day at 11:11 local time people stop for sixty seconds, breathe, and thank GOD for the breath — each in their own words, each within themselves. In that minute we are One Breath.

WEBREATH — the Minute at 11:11, your own local time — we are One Breath