ज़बूर 19
1दाऊद का ज़बूर। मौसीक़ी के राहनुमा के लिए। आसमान अल्लाह के जलाल का एलान करते हैं, आसमानी गुंबद उसके हाथों का काम बयान करता है।
2एक दिन दूसरे को इत्तला देता, एक रात दूसरी को ख़बर पहुँचाती है,
3लेकिन ज़बान से नहीं। गो उनकी आवाज़ सुनाई नहीं देती,
4तो भी उनकी आवाज़ निकलकर पूरी दुनिया में सुनाई देती, उनके अलफ़ाज़ दुनिया की इंतहा तक पहुँच जाते हैं। वहाँ अल्लाह ने आफ़ताब के लिए ख़ैमा लगाया है।
5जिस तरह दूल्हा अपनी ख़ाबगाह से निकलता है उसी तरह सूरज निकलकर पहलवान की तरह अपनी दौड़ दौड़ने पर ख़ुशी मनाता है।
6आसमान के एक सिरे से चढ़कर उसका चक्कर दूसरे सिरे तक लगता है। उस की तपती गरमी से कोई भी चीज़ पोशीदा नहीं रहती।
7रब की शरीअत कामिल है, उससे जान में जान आ जाती है। रब के अहकाम क़ाबिले-एतमाद हैं, उनसे सादालौह दानिशमंद हो जाता है।
8रब की हिदायात बा-इनसाफ़ हैं, उनसे दिल बाग़ बाग़ हो जाता है। रब के अहकाम पाक हैं, उनसे आँखें चमक उठती हैं।
9रब का ख़ौफ़ पाक है और अबद तक क़ायम रहेगा। रब के फ़रमान सच्चे और सबके सब रास्त हैं।
10वह सोने बल्कि ख़ालिस सोने के ढेर से ज़्यादा मरग़ूब हैं। वह शहद बल्कि छत्ते के ताज़ा शहद से ज़्यादा मीठे हैं।
11उनसे तेरे ख़ादिम को आगाह किया जाता है, उन पर अमल करने से बड़ा अज्र मिलता है।
12जो ख़ताएँ बेख़बरी में सरज़द हुईं कौन उन्हें जानता है? मेरे पोशीदा गुनाहों को मुआफ़ कर!
13अपने ख़ादिम को गुस्ताखों से महफ़ूज़ रख ताकि वह मुझ पर हुकूमत न करें। तब मैं बेइलज़ाम होकर संगीन गुनाह से पाक रहूँगा।
14ऐ रब, बख़्श दे कि मेरे मुँह की बातें और मेरे दिल की सोच-बिचार तुझे पसंद आए। तू ही मेरी चट्टान और मेरा छुड़ानेवाला है।
ذریعہ: किताबे-मुक़द्दस
WEBREATH · 11:11
«He himself gives everyone life and breath and everything else» — Acts 17:25
Breath is one for all: everyone lives by it, whoever they are and whatever they believe. Every day at 11:11 local time people stop for sixty seconds, breathe, and thank GOD for the breath — each in their own words, each within themselves. In that minute we are One Breath.
WEBREATH — the Minute at 11:11, your own local time — we are One Breath