भजन संहिता 128
1क्या ही धन्य है हर एक जो यहोवा का भय मानता है, और उसके मार्गों पर चलता है128:1 उसके मार्गों पर चलता है: परमेश्वर की आज्ञा और आदेशों के मार्ग।!
2तू अपनी कमाई को निश्चय खाने पाएगा; तू धन्य होगा, और तेरा भला ही होगा।
3तेरे घर के भीतर तेरी स्त्री फलवन्त दाखलता सी होगी; तेरी मेज के चारों ओर तेरे बच्चे जैतून के पौधे के समान होंगे।
4सुन, जो पुरुष यहोवा का भय मानता हो, वह ऐसी ही आशीष पाएगा।
5यहोवा तुझे सिय्योन से आशीष देवे128:5 यहोवा तुझे सिय्योन से आशीष देवे: वह तुझे खेतों में और घरों में ही आशीष नहीं देगा परन्तु तेरी आशीषें सीधी सिय्योन से आती प्रतीत होंगी।, और तू जीवन भर यरूशलेम का कुशल देखता रहे!
6वरन् तू अपने नाती-पोतों को भी देखने पाए! इस्राएल को शान्ति मिले!
स्रोत: इंडियन रिवाइज्ड वर्जन
WEBREATH · 11:11
«वह तो आप ही सब को जीवन और श्वास और सब कुछ देता है» — प्रेरितों के काम 17:25
श्वास सबकी एक है: हर कोई इसी से जीता है, चाहे वह कोई भी हो और किसी में भी आस्था रखता हो। हर दिन स्थानीय समय 11:11 पर लोग साठ सेकंड के लिए रुकते हैं, साँस लेते हैं और साँस के लिए ईश्वर को धन्यवाद देते हैं — हर कोई अपने शब्दों में, हर कोई अपने भीतर। इस मिनट में हम एक ही श्वास हैं।
WEBREATH — आपके स्थानीय समय 11:11 पर मिनट — हम एक ही श्वास हैं