ईसाई धर्म
वापस

भजन संहिता 122

1जब लोगों ने मुझसे कहा, “आओ, हम यहोवा के भवन को चलें,” तब मैं आनन्दित हुआ।

2हे यरूशलेम, तेरे फाटकों के भीतर, हम खड़े हो गए हैं!

3हे यरूशलेम, तू ऐसे नगर के समान बना है, जिसके घर एक दूसरे से मिले हुए हैं।

4वहाँ यहोवा के गोत्र-गोत्र के लोग यहोवा के नाम का धन्यवाद करने को जाते हैं; यह इस्राएल के लिये साक्षी है।

5वहाँ तो न्याय के सिंहासन122:5 न्याय के सिंहासन: जिन आसनों पर बैठकर न्याय किया जाता है। आज सिंहासन शब्द से समझा जाता है राजाओं के आसन।, दाऊद के घराने के लिये रखे हुए हैं।

6यरूशलेम की शान्ति का वरदान माँगो, तेरे प्रेमी कुशल से रहें!

7तेरी शहरपनाह के भीतर शान्ति, और तेरे महलों में कुशल होवे!

8अपने भाइयों और संगियों के निमित्त, मैं कहूँगा कि तुझ में शान्ति होवे!

9अपने परमेश्वर यहोवा के भवन के निमित्त, मैं तेरी भलाई का यत्न करूँगा।

स्रोत: इंडियन रिवाइज्ड वर्जन

WEBREATH · 11:11

«वह तो आप ही सब को जीवन और श्वास और सब कुछ देता है» — प्रेरितों के काम 17:25

श्वास सबकी एक है: हर कोई इसी से जीता है, चाहे वह कोई भी हो और किसी में भी आस्था रखता हो। हर दिन स्थानीय समय 11:11 पर लोग साठ सेकंड के लिए रुकते हैं, साँस लेते हैं और साँस के लिए ईश्वर को धन्यवाद देते हैं — हर कोई अपने शब्दों में, हर कोई अपने भीतर। इस मिनट में हम एक ही श्वास हैं।

WEBREATH — आपके स्थानीय समय 11:11 पर मिनट — हम एक ही श्वास हैं