عیسائیت
واپس

गिनती 3

1यह हारून और मूसा के ख़ानदान का बयान है। उस वक़्त का ज़िक्र है जब रब ने सीना पहाड़ पर मूसा से बात की।

2हारून के चार बेटे थे। बड़ा बेटा नदब था, फिर अबीहू, इलियज़र और इतमर।

3यह इमाम थे जिनको मसह करके इस ख़िदमत का इख़्तियार दिया गया था।

4लेकिन नदब और अबीहू उस वक़्त मर गए जब उन्होंने दश्ते-सीना में रब के हुज़ूर नाजायज़ आग पेश की। चूँकि वह बेऔलाद थे इसलिए हारून के जीते-जी सिर्फ़ इलियज़र और इतमर इमाम की ख़िदमत सरंजाम देते थे।

5रब ने मूसा से कहा,

6“लावी के क़बीले को लाकर हारून की ख़िदमत करने की ज़िम्मादारी दे।

7उन्हें उसके लिए और पूरी जमात के लिए मुलाक़ात के ख़ैमे की ख़िदमात सँभालना है।

8वह मुलाक़ात के ख़ैमे का सामान सँभालें और तमाम इसराईलियों के लिए मक़दिस के फ़रायज़ अदा करें।

9तमाम इसराईलियों में से सिर्फ़ लावियों को हारून और उसके बेटों की ख़िदमत के लिए मुक़र्रर कर।

10लेकिन सिर्फ़ हारून और उसके बेटों को इमाम की हैसियत हासिल है। जो भी बाक़ियों में से उनकी ज़िम्मादारियाँ उठाने की कोशिश करेगा उसे सज़ाए-मौत दी जाएगी।”

11रब ने मूसा से यह भी कहा,

12“मैंने इसराईलियों में से लावियों को चुन लिया है। वह तमाम इसराईली पहलौठों के एवज़ मेरे लिए मख़सूस हैं,

13क्योंकि तमाम पहलौठे मेरे ही हैं। जिस दिन मैंने मिसर में तमाम पहलौठों को मार दिया उस दिन मैंने इसराईल के पहलौठों को अपने लिए मख़सूस किया, ख़ाह वह इनसान के थे या हैवान के। वह मेरे ही हैं। मैं रब हूँ।”

14रब ने सीना के रेगिस्तान में मूसा से कहा,

15“लावियों को गिनकर उनके आबाई घरानों और कुंबों के मुताबिक़ रजिस्टर में दर्ज करना। हर बेटे को गिनना है जो एक माह या इससे ज़ायद का है।”

16मूसा ने ऐसा ही किया।

17लावी के तीन बेटे जैरसोन, क़िहात और मिरारी थे।

18जैरसोन के दो कुंबे उसके बेटों लिबनी और सिमई के नाम रखते थे।

19क़िहात के चार कुंबे उसके बेटों अमराम, इज़हार, हबरून और उज़्ज़ियेल के नाम रखते थे।

20मिरारी के दो कुंबे उसके बेटों महली और मूशी के नाम रखते थे। ग़रज़ लावी के क़बीले के कुंबे उसके पोतों के नाम रखते थे।

21जैरसोन के दो कुंबों बनाम लिबनी और सिमई

22के 7,500 मर्द थे जो एक माह या इससे ज़ायद के थे।

23उन्हें अपने ख़ैमे मग़रिब में मक़दिस के पीछे लगाने थे।

24उनका राहनुमा इलियासफ़ बिन लाएल था,

25और वह ख़ैमे को सँभालते थे यानी उस की पोशिशें, ख़ैमे के दरवाज़े का परदा,

26ख़ैमे और क़ुरबानगाह की चारदीवारी के परदे, चारदीवारी के दरवाज़े का परदा और तमाम रस्से। इन चीज़ों से मुताल्लिक़ सारी ख़िदमत उनकी ज़िम्मादारी थी।

27क़िहात के चार कुंबों बनाम अमराम, इज़हार, हबरून और उज़्ज़ियेल

28के 8,600 मर्द थे जो एक माह या इससे ज़ायद के थे और जिनको मक़दिस की ख़िदमत करनी थी।

29उन्हें अपने डेरे मक़दिस के जुनूब में डालने थे।

30उनका राहनुमा इलीसफ़न बिन उज़्ज़ियेल था,

31और वह यह चीज़ें सँभालते थे : अहद का संदूक़, मेज़, शमादान, क़ुरबानगाहें, वह बरतन और साज़ो-सामान जो मक़दिस में इस्तेमाल होता था और मुक़द्दसतरीन कमरे का परदा। इन चीज़ों से मुताल्लिक़ सारी ख़िदमत उनकी ज़िम्मादारी थी।

32हारून इमाम का बेटा इलियज़र लावियों के तमाम राहनुमाओं पर मुक़र्रर था। वह उन तमाम लोगों का इंचार्ज था जो मक़दिस की देख-भाल करते थे।

33मिरारी के दो कुंबों बनाम महली और मूशी

34के 6,200 मर्द थे जो एक माह या इससे ज़ायद के थे।

35उनका राहनुमा सूरियेल बिन अबीख़ैल था। उन्हें अपने डेरे मक़दिस के शिमाल में डालने थे,

36और वह यह चीज़ें सँभालते थे : ख़ैमे के तख़्ते, उसके शहतीर, खंबे, पाए और इस तरह का सारा सामान। इन चीज़ों से मुताल्लिक़ सारी ख़िदमत उनकी ज़िम्मादारी थी।

37वह चारदीवारी के खंबे, पाए, मेख़ें और रस्से भी सँभालते थे।

38मूसा, हारून और उनके बेटों को अपने डेरे मशरिक़ में मक़दिस के सामने डालने थे। उनकी ज़िम्मादारी मक़दिस में बनी इसराईल के लिए ख़िदमत करना थी। उनके अलावा जो भी मक़दिस में दाख़िल होने की कोशिश करता उसे सज़ाए-मौत देनी थी।

39उन लावी मर्दों की कुल तादाद जो एक माह या इससे ज़ायद के थे 22,000 थी। रब के कहने पर मूसा और हारून ने उन्हें कुंबों के मुताबिक़ गिनकर रजिस्टर में दर्ज किया।

40रब ने मूसा से कहा, “तमाम इसराईली पहलौठों को गिनना जो एक माह या इससे ज़ायद के हैं और उनके नाम रजिस्टर में दर्ज करना।

41उन तमाम पहलौठों की जगह लावियों को मेरे लिए मख़सूस करना। इसी तरह इसराईलियों के मवेशियों के पहलौठों की जगह लावियों के मवेशी मेरे लिए मख़सूस करना। मैं रब हूँ।”

42मूसा ने ऐसा ही किया जैसा रब ने उसे हुक्म दिया। उसने तमाम इसराईली पहलौठे

43जो एक माह या इससे ज़ायद के थे गिन लिए। उनकी कुल तादाद 22,273 थी।

44रब ने मूसा से कहा,

45“मुझे तमाम इसराईली पहलौठों की जगह लावियों को पेश करना। इसी तरह मुझे इसराईलियों के मवेशियों की जगह लावियों के मवेशी पेश करना। लावी मेरे ही हैं। मैं रब हूँ।

46लावियों की निसबत बाक़ी इसराईलियों के 273 पहलौठे ज़्यादा हैं। उनमें से

47हर एक के एवज़ चाँदी के पाँच सिक्के ले जो मक़दिस के वज़न के मुताबिक़ हों (फ़ी सिक्का तक़रीबन 11 ग्राम)।

48यह पैसे हारून और उसके बेटों को देना।”

49मूसा ने ऐसा ही किया।

50यों उसने चाँदी के 1,365 सिक्के (तक़रीबन 16 किलोग्राम) जमा करके

51हारून और उसके बेटों को दिए, जिस तरह रब ने उसे हुक्म दिया था।

ذریعہ: किताबे-मुक़द्दस

WEBREATH · 11:11

«He himself gives everyone life and breath and everything else» — Acts 17:25

Breath is one for all: everyone lives by it, whoever they are and whatever they believe. Every day at 11:11 local time people stop for sixty seconds, breathe, and thank GOD for the breath — each in their own words, each within themselves. In that minute we are One Breath.

WEBREATH — the Minute at 11:11, your own local time — we are One Breath