عیسائیت
واپس

यशुअ 3

1सुबह-सवेरे उठकर यशुअ और तमाम इसराईली शित्तीम से रवाना हुए। जब वह दरियाए-यरदन पर पहुँचे तो उसे उबूर न किया बल्कि रात के लिए किनारे पर रुक गए।

2वह तीन दिन वहाँ रहे। फिर निगहबानों ने ख़ैमागाह में से गुज़रकर

3लोगों को हुक्म दिया, “जब आप देखें कि लावी के क़बीले के इमाम रब आपके ख़ुदा के अहद का संदूक़ उठाए हुए हैं तो अपने अपने मक़ाम से रवाना होकर उसके पीछे हो लें।

4फिर आपको पता चलेगा कि कहाँ जाना है, क्योंकि आप पहले कभी वहाँ नहीं गए। लेकिन संदूक़ के तक़रीबन एक किलोमीटर पीछे रहें और ज़्यादा क़रीब न जाएँ।”

5यशुअ ने लोगों को बताया, “अपने आपको मख़सूसो-मुक़द्दस करें, क्योंकि कल रब आपके दरमियान हैरतअंगेज़ काम करेगा।”

6अगले दिन यशुअ ने इमामों से कहा, “अहद का संदूक़ उठाकर लोगों के आगे आगे दरिया को पार करें।” चुनाँचे इमाम संदूक़ को उठाकर आगे आगे चल दिए।

7और रब ने यशुअ से फ़रमाया, “मैं तुझे तमाम इसराईलियों के सामने सरफ़राज़ कर दूँगा, और आज ही मैं यह काम शुरू करूँगा ताकि वह जान लें कि जिस तरह मैं मूसा के साथ था उसी तरह तेरे साथ भी हूँ।

8अहद का संदूक़ उठानेवाले इमामों को बता देना, ‘जब आप दरियाए-यरदन के किनारे पहुँचेंगे तो वहाँ पानी में रुक जाएँ’।”

9यशुअ ने इसराईलियों से कहा, “मेरे पास आएँ और रब अपने ख़ुदा के फ़रमान सुन लें।

10आज आप जान लेंगे कि ज़िंदा ख़ुदा आपके दरमियान है और कि वह यक़ीनन आपके आगे आगे जाकर दूसरी क़ौमों को निकाल देगा, ख़ाह वह कनानी, हित्ती, हिव्वी, फ़रिज़्ज़ी, जिरजासी, अमोरी या यबूसी हों।

11यह यों ज़ाहिर होगा कि अहद का यह संदूक़ जो तमाम दुनिया के मालिक का है आपके आगे आगे दरियाए-यरदन में जाएगा।

12अब ऐसा करें कि हर क़बीले में से एक एक आदमी को चुन लें ताकि बारह अफ़राद जमा हो जाएँ।

13फिर इमाम तमाम दुनिया के मालिक रब के अहद का संदूक़ उठाकर दरिया में जाएंगे। और ज्योंही वह अपने पाँव पानी में रखेंगे तो पानी का बहाव रुक जाएगा और आनेवाला पानी ढेर बनकर खड़ा रहेगा।”

14चुनाँचे इसराईली अपने ख़ैमों को समेटकर रवाना हुए, और अहद का संदूक़ उठानेवाले इमाम उनके आगे आगे चल दिए।

15फ़सल की कटाई का मौसम था, और दरिया का पानी किनारों से बाहर आ गया था। लेकिन ज्योंही संदूक़ को उठानेवाले इमामों ने दरिया के किनारे पहुँचकर पानी में क़दम रखा

16तो आनेवाले पानी का बहाव रुक गया। वह उनसे दूर एक शहर के क़रीब ढेर बन गया जिसका नाम आदम था और जो ज़रतान के नज़दीक है। जो पानी दूसरी यानी बहीराए-मुरदार की तरफ़ बह रहा था वह पूरी तरह उतर गया। तब इसराईलियों ने यरीहू शहर के मुक़ाबिल दरिया को पार किया।

17रब का अहद का संदूक़ उठानेवाले इमाम दरियाए-यरदन के बीच में ख़ुश्क ज़मीन पर खड़े रहे जबकि बाक़ी लोग ख़ुश्क ज़मीन पर से गुज़र गए। इमाम उस वक़्त तक वहाँ खड़े रहे जब तक तमाम इसराईलियों ने ख़ुश्क ज़मीन पर चलकर दरिया को पार न कर लिया।

ذریعہ: किताबे-मुक़द्दस

WEBREATH · 11:11

«He himself gives everyone life and breath and everything else» — Acts 17:25

Breath is one for all: everyone lives by it, whoever they are and whatever they believe. Every day at 11:11 local time people stop for sixty seconds, breathe, and thank GOD for the breath — each in their own words, each within themselves. In that minute we are One Breath.

WEBREATH — the Minute at 11:11, your own local time — we are One Breath