عیسائیت
واپس

यशुअ 11

1जब हसूर के बादशाह याबीन को इन वाक़ियात की ख़बर मिली तो उसने मदून के बादशाह यूबाब और सिमरोन और अकशाफ़ के बादशाहों को पैग़ाम भेजे।

2इसके अलावा उसने उन बादशाहों को पैग़ाम भेजे जो शिमाल में थे यानी शिमाली पहाड़ी इलाक़े में, वादीए-यरदन के उस हिस्से में जो किन्नरत यानी गलील के जुनूब में है, मग़रिब के नशेबी पहाड़ी इलाक़े में, मग़रिब में वाक़े नाफ़त-दोर में

3और कनान के मशरिक़ और मग़रिब में। याबीन ने अमोरियों, हित्तियों, फ़रिज़्ज़ियों, पहाड़ी इलाक़े के यबूसियों और हरमून पहाड़ के दामन में वाक़े मुल्के-मिसफ़ाह के हिव्वियों को भी पैग़ाम भेजे।

4चुनाँचे यह अपनी तमाम फ़ौजों को लेकर जंग के लिए निकले। उनके आदमी समुंदर के साहिल की रेत की मानिंद बेशुमार थे। उनके पास मुतअद्दिद घोड़े और रथ भी थे।

5इन तमाम बादशाहों ने इसराईल से लड़ने के लिए मुत्तहिद होकर अपने ख़ैमे मरूम के चश्मे पर लगा दिए।

6रब ने यशुअ से कहा, “उनसे मत डरना, क्योंकि कल इसी वक़्त तक मैंने उन सबको हलाक करके इसराईल के हवाले कर दिया होगा। तुझे उनके घोड़ों की कोंचों को काटना और उनके रथों को जला देना है।”

7चुनाँचे यशुअ अपने तमाम फ़ौजियों को लेकर मरूम के चश्मे पर आया और अचानक दुश्मन पर हमला किया।

8और रब ने दुश्मनों को इसराईलियों के हवाले कर दिया। इसराईलियों ने उन्हें शिकस्त दी और उनका ताक़्क़ुब करते करते शिमाल में बड़े शहर सैदा और मिस्रफ़ात-मायम तक जा पहुँचे। इसी तरह उन्होंने मशरिक़ में वादीए-मिसफ़ाह तक भी उनका ताक़्क़ुब किया। आख़िर में एक भी न बचा।

9रब की हिदायत के मुताबिक़ यशुअ ने दुश्मन के घोड़ों की कोंचों को कटवाकर उसके रथों को जला दिया।

10फिर यशुअ वापस आया और हसूर को अपने क़ब्ज़े में ले लिया। हसूर उन तमाम बादशाहतों का सदर मक़ाम था जिन्हें उन्होंने शिकस्त दी थी। इसराईलियों ने शहर के बादशाह को मार दिया

11और शहर के हर जानदार को अल्लाह के हवाले करके हलाक कर दिया। एक भी न बचा। फिर यशुअ ने शहर को जला दिया।

12इसी तरह यशुअ ने उन बाक़ी बादशाहों के शहरों पर भी क़ब्ज़ा कर लिया जो इसराईल के ख़िलाफ़ मुत्तहिद हो गए थे। हर शहर को उसने रब के ख़ादिम मूसा के हुक्म के मुताबिक़ तबाह कर दिया। बादशाहों समेत सब कुछ नेस्त कर दिया गया।

13लेकिन यशुअ ने सिर्फ़ हसूर को जलाया। पहाड़ियों पर के बाक़ी शहरों को उसने रहने दिया।

14लूट का जो भी माल जानवरों समेत उनमें पाया गया उसे इसराईलियों ने अपने पास रख लिया। लेकिन तमाम बाशिंदों को उन्होंने मार डाला और एक भी न बचने दिया।

15क्योंकि रब ने अपने ख़ादिम मूसा को यही हुक्म दिया था, और यशुअ ने सब कुछ वैसे ही किया जैसे रब ने मूसा को हुक्म दिया था।

16यों यशुअ ने पूरे कनान पर क़ब्ज़ा कर लिया। इसमें पहाड़ी इलाक़ा, पूरा दश्ते-नजब, जुशन का पूरा इलाक़ा, मग़रिब का नशेबी पहाड़ी इलाक़ा, वादीए-यरदन और इसराईल के पहाड़ उनके दामन की पहाड़ियों समेत शामिल थे।

17अब यशुअ की पहुँच जुनूब में सईर की तरफ़ बढ़नेवाले पहाड़ ख़लक़ से लेकर लुबनान के मैदानी इलाक़े के शहर बाल-जद तक थी जो हरमून पहाड़ के दामन में था। यशुअ ने इन इलाक़ों के तमाम बादशाहों को पकड़कर मार डाला।

18लेकिन इन बादशाहों से जंग करने में बहुत वक़्त लगा,

19क्योंकि जिबऊन में रहनेवाले हिव्वियों के अलावा किसी भी शहर ने इसराईलियों से सुलह न की। इसलिए इसराईल को उन सब पर जंग करके ही क़ब्ज़ा करना पड़ा।

20रब ही ने उन्हें अकड़ने दिया था ताकि वह इसराईल से जंग करें और उन पर रहम न किया जाए बल्कि उन्हें पूरे तौर पर रब के हवाले करके हलाक किया जाए। लाज़िम था कि उन्हें यों नेस्तो-नाबूद किया जाए जिस तरह रब ने मूसा को हुक्म दिया था।

21उस वक़्त यशुअ ने उन तमाम अनाक़ियों को हलाक कर दिया जो हबरून, दबीर, अनाब और उन तमाम जगहों में रहते थे जो यहूदाह और इसराईल के पहाड़ी इलाक़े में थीं। उसने उन सबको उनके शहरों समेत अल्लाह के हवाले करके तबाह कर दिया।

22इसराईल के पूरे इलाक़े में अनाक़ियों में से एक भी न बचा। सिर्फ़ ग़ज़्ज़ा, जात और अशदूद में कुछ ज़िंदा रहे।

23ग़रज़ यशुअ ने पूरे मुल्क पर यों क़ब्ज़ा किया जिस तरह रब ने मूसा को बताया था। फिर उसने उसे क़बीलों में तक़सीम करके इसराईल को मीरास में दे दिया। जंग ख़त्म हुई, और मुल्क में अमनो-अमान क़ायम हो गया।

ذریعہ: किताबे-मुक़द्दस

WEBREATH · 11:11

«He himself gives everyone life and breath and everything else» — Acts 17:25

Breath is one for all: everyone lives by it, whoever they are and whatever they believe. Every day at 11:11 local time people stop for sixty seconds, breathe, and thank GOD for the breath — each in their own words, each within themselves. In that minute we are One Breath.

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