عیسائیت
واپس

यसायाह 11

1यस्सी के मुढ में से कोंपल फूट निकलेगी, और उस की बची हुई जड़ों से शाख़ निकलकर फल लाएगी।

2रब का रूह उस पर ठहरेगा यानी हिकमत और समझ का रूह, मशवरत और क़ुव्वत का रूह, इरफ़ान और रब के ख़ौफ़ का रूह।

3रब का ख़ौफ़ उसे अज़ीज़ होगा। न वह दिखावे की बिना पर फ़ैसला करेगा, न सुनी-सुनाई बातों की बिना पर फ़तवा देगा

4बल्कि इनसाफ़ से बेबसों की अदालत करेगा और ग़ैरजानिबदारी से मुल्क के मुसीबतज़दों का फ़ैसला करेगा। अपने कलाम की लाठी से वह ज़मीन को मारेगा और अपने मुँह की फूँक से बेदीन को हलाक करेगा।

5वह रास्तबाज़ी के पटके और वफ़ादारी के ज़ेरजामे से मुलब्बस रहेगा।

6भेड़िया उस वक़्त भेड़ के बच्चे के पास ठहरेगा, और चीता भेड़ के बच्चे के पास आराम करेगा। बछड़ा, जवान शेरबबर और मोटा-ताज़ा बैल मिलकर रहेंगे, और छोटा लड़का उन्हें हाँककर सँभालेगा।

7गाय रीछ के साथ चरेगी, और उनके बच्चे एक दूसरे के साथ आराम करेंगे। शेरबबर बैल की तरह भूसा खाएगा।

8शीरख़ार बच्चा नाग की बाँबी के क़रीब खेलेगा, और जवान बच्चा अपना हाथ ज़हरीले साँप के बिल में डालेगा।

9मेरे तमाम मुक़द्दस पहाड़ पर न ग़लत और न तबाहकुन काम किया जाएगा। क्योंकि मुल्क रब के इरफ़ान से यों मामूर होगा जिस तरह समुंदर पानी से भरा रहता है।

10उस दिन यस्सी की जड़ से फूटी हुई कोंपल उम्मतों के लिए झंडा होगा। क़ौमें उस की तालिब होंगी, और उस की सुकूनतगाह जलाली होगी।

11उस दिन रब एक बार फिर अपना हाथ बढ़ाएगा ताकि अपनी क़ौम का वह बचा-खुचा हिस्सा दुबारा हासिल करे जो असूर, शिमाली और जुनूबी मिसर, एथोपिया, ऐलाम, बाबल, हमात और साहिली इलाक़ों में मुंतशिर होगा।

12वह क़ौमों के लिए झंडा गाड़कर इसराईल के जिलावतनों को इकट्ठा करेगा। हाँ, वह यहूदाह के बिखरे अफ़राद को दुनिया के चारों कोनों से लाकर जमा करेगा।

13तब इसराईल का हसद ख़त्म हो जाएगा, और यहूदाह के दुश्मन नेस्तो-नाबूद हो जाएंगे। न इसराईल यहूदाह से हसद करेगा, न यहूदाह इसराईल से दुश्मनी रखेगा।

14फिर दोनों मग़रिब में फ़िलिस्ती मुल्क पर झपट पड़ेंगे और मिलकर मशरिक़ के बाशिंदों को लूट लेंगे। अदोम और मोआब उनके क़ब्ज़े में आएँगे, और अम्मोन उनके ताबे हो जाएगा।

15रब बहरे-क़ुलज़ुम को ख़ुश्क करेगा और साथ साथ दरियाए-फ़ुरात के ऊपर हाथ हिलाकर उस पर ज़ोरदार हवा चलाएगा। तब दरिया सात ऐसी नहरों में बट जाएगा जो पैदल ही पार की जा सकेंगी।

16एक ऐसा रास्ता बनेगा जो रब के बचे हुए अफ़राद को असूर से इसराईल तक पहुँचाएगा, बिलकुल उस रास्ते की तरह जिसने इसराईलियों को मिसर से निकलते वक़्त इसराईल तक पहुँचाया था।

ذریعہ: किताबे-मुक़द्दस

WEBREATH · 11:11

«He himself gives everyone life and breath and everything else» — Acts 17:25

Breath is one for all: everyone lives by it, whoever they are and whatever they believe. Every day at 11:11 local time people stop for sixty seconds, breathe, and thank GOD for the breath — each in their own words, each within themselves. In that minute we are One Breath.

WEBREATH — the Minute at 11:11, your own local time — we are One Breath