عیسائیت
واپس

होसेअ 6

1उस वक़्त वह कहेंगे, “आओ, हम रब के पास वापस चलें। क्योंकि उसी ने हमें फाड़ा, और वही हमें शफ़ा भी देगा। उसी ने हमारी पिटाई की, और वही हमारी मरहम-पट्टी भी करेगा।

2दो दिन के बाद वह हमें नए सिरे से ज़िंदा करेगा और तीसरे दिन हमें दुबारा उठा खड़ा करेगा ताकि हम उसके हुज़ूर ज़िंदगी गुज़ारें।

3आओ, हम उसे जान लें, हम पूरी जिद्दो-जहद के साथ रब को जानने के लिए कोशाँ रहें। वह ज़रूर हम पर ज़ाहिर होगा। यह उतना यक़ीनी है जितना सूरज का रोज़ाना तुलू होना यक़ीनी है। जिस तरह मौसमे-बहार की तेज़ बारिश ज़मीन को सेराब करती है उसी तरह अल्लाह भी हमारे पास आएगा।”

4“ऐ इसराईल, मैं तेरे साथ क्या करूँ? ऐ यहूदाह, मैं तेरे साथ क्या करूँ? तुम्हारी मुहब्बत सुबह की धुंध जैसी आरिज़ी है। धूप में ओस की तरह वह जल्द ही काफ़ूर हो जाती है।

5इसी लिए मैंने अपने नबियों की मारिफ़त तुम्हें पटख़ दिया, अपने मुँह के अलफ़ाज़ से तुम्हें मार डाला है। मेरे इनसाफ़ का नूर सूरज की तरह ही तुलू होता है।

6क्योंकि मैं क़ुरबानी नहीं बल्कि रहम पसंद करता हूँ, भस्म होनेवाली क़ुरबानियों की निसबत मुझे यह पसंद है कि तुम अल्लाह को जान लो।

7वह आदम शहर में अहद तोड़कर मुझसे बेवफ़ा हो गए।

8जिलियाद शहर मुजरिमों से भर गया है, हर तरफ़ ख़ून के दाग़ हैं।

9इमामों के जत्थे डाकुओं की मानिंद बन गए हैं। क्योंकि वह सिकम को पहुँचानेवाले रास्ते पर मुसाफ़िरों की ताक लगाकर उन्हें क़त्ल करते हैं। हाँ, वह शर्मनाक हरकतों से गुरेज़ नहीं करते।

10मैंने इसराईल में ऐसी बातें देखी हैं जिनसे रोंगटे खड़े हो जाते हैं। क्योंकि इसराईल ज़िना करता है, वह अपने आपको नापाक करता है।

11लेकिन यहूदाह पर भी अदालत की फ़सल पकनेवाली है। जब कभी मैं अपनी क़ौम को बहाल करके

ذریعہ: किताबे-मुक़द्दस

WEBREATH · 11:11

«He himself gives everyone life and breath and everything else» — Acts 17:25

Breath is one for all: everyone lives by it, whoever they are and whatever they believe. Every day at 11:11 local time people stop for sixty seconds, breathe, and thank GOD for the breath — each in their own words, each within themselves. In that minute we are One Breath.

WEBREATH — the Minute at 11:11, your own local time — we are One Breath