عیسائیت
واپس

आमूस 1

1ज़ैल में आमूस के पैग़ामात क़लमबंद हैं। आमूस तक़ुअ शहर का गल्लाबान था। ज़लज़ले से दो साल पहले उसने इसराईल के बारे में रोया में यह कुछ देखा। उस वक़्त उज़्ज़ियाह यहूदाह का और यरुबियाम बिन युआस इसराईल का बादशाह था।

2आमूस बोला, “रब कोहे-सिय्यून पर से दहाड़ता है, उस की गरजती आवाज़ यरूशलम से सुनाई देती है। तब गल्लाबानों की चरागाहें सूख जाती हैं और करमिल की चोटी पर जंगल मुरझा जाता है।”

3रब फ़रमाता है, “दमिश्क़ के बाशिंदों ने बार बार गुनाह किया है, इसलिए मैं उन्हें सज़ा दिए बग़ैर नहीं छोड़ूँगा। क्योंकि उन्होंने जिलियाद को गाहने के आहनी औज़ार से ख़ूब कूटकर गाह लिया है।

4चुनाँचे मैं हज़ाएल के घराने पर आग नाज़िल करूँगा, और बिन-हदद के महल नज़रे-आतिश हो जाएंगे।

5मैं दमिश्क़ के कुंडे को तोड़कर बिक़अत-आवन और बैत-अदन के हुक्मरानों को मौत के घाट उतारूँगा। अराम की क़ौम जिलावतन होकर क़ीर में जा बसेगी।” यह रब का फ़रमान है।

6रब फ़रमाता है, “ग़ज़्ज़ा के बाशिंदों ने बार बार गुनाह किया है, इसलिए मैं उन्हें सज़ा दिए बग़ैर नहीं छोड़ूँगा। क्योंकि उन्होंने पूरी आबादियों को जिलावतन करके अदोम के हवाले कर दिया है।

7चुनाँचे मैं ग़ज़्ज़ा की फ़सील पर आग नाज़िल करूँगा, और उसके महल नज़रे-आतिश हो जाएंगे।

8अशदूद और अस्क़लून के हुक्मरानों को मैं मार डालूँगा, अक़रून पर भी हमला करूँगा। तब बचे-खुचे फ़िलिस्ती भी हलाक हो जाएंगे।” यह रब क़ादिरे-मुतलक़ का फ़रमान है।

9रब फ़रमाता है, “सूर के बाशिंदों ने बार बार गुनाह किया है, इसलिए मैं उन्हें सज़ा दिए बग़ैर नहीं छोड़ूँगा। क्योंकि उन्होंने बरादराना अहद का लिहाज़ न किया बल्कि पूरी आबादियों को जिलावतन करके अदोम के हवाले कर दिया।

10चुनाँचे मैं सूर की फ़सील पर आग नाज़िल करूँगा, और उसके महल नज़रे-आतिश हो जाएंगे।”

11रब फ़रमाता है, “अदोम के बाशिंदों ने बार बार गुनाह किया है, इसलिए मैं उन्हें सज़ा दिए बग़ैर नहीं छोड़ूँगा। क्योंकि उन्होंने अपने इसराईली भाइयों को तलवार से मार मारकर उनका ताक़्क़ुब किया और सख़्ती से उन पर रहम करने से इनकार किया। उनका क़हर भड़कता रहा, उनका तैश कभी ठंडा न हुआ।

12चुनाँचे मैं तेमान पर आग नाज़िल करूँगा, और बुसरा के महल नज़रे-आतिश हो जाएंगे।”

13रब फ़रमाता है, “अम्मोन के बाशिंदों ने बार बार गुनाह किया है, इसलिए मैं उन्हें सज़ा दिए बग़ैर नहीं छोड़ूँगा। क्योंकि अपनी सरहद्दों को बढ़ाने के लिए उन्होंने जिलियाद की हामिला औरतों के पेट चीर डाले।

14चुनाँचे मैं रब्बा की फ़सील को आग लगा दूँगा, और उसके महल नज़रे-आतिश हो जाएंगे। जंग के उस दिन हर तरफ़ फ़ौजियों के नारे बुलंद हो जाएंगे, तूफ़ान के उस दिन उन पर सख़्त आँधी टूट पड़ेगी।

15उनका बादशाह अपने अफ़सरों समेत क़ैदी बनकर जिलावतन हो जाएगा।” यह रब का फ़रमान है।

ذریعہ: किताबे-मुक़द्दस

WEBREATH · 11:11

«He himself gives everyone life and breath and everything else» — Acts 17:25

Breath is one for all: everyone lives by it, whoever they are and whatever they believe. Every day at 11:11 local time people stop for sixty seconds, breathe, and thank GOD for the breath — each in their own words, each within themselves. In that minute we are One Breath.

WEBREATH — the Minute at 11:11, your own local time — we are One Breath