عیسائیت
واپس

1 तवारीख़ 8

1बिनयमीन के पाँच बेटे बड़े से लेकर छोटे तक बाला, अशबेल, अख़्रख़,

2नूहा और रफ़ा थे।

3बाला के बेटे अद्दार, जीरा, अबीहूद,

4अबीसुअ, नामान, अख़ूह,

5जीरा, सफ़ूफ़ान और हूराम थे।

6अहूद के तीन बेटे नामान, अख़ियाह और जीरा थे। यह उन ख़ानदानों के सरपरस्त थे जो पहले जिबा में रहते थे लेकिन जिन्हें बाद में जिलावतन करके मानहत में बसाया गया। उज़्ज़ा और अख़ीहूद का बाप जीरा उन्हें वहाँ लेकर गया था।

8सहरैम अपनी दो बीवियों हुशीम और बारा को तलाक़ देकर मोआब चला गया। वहाँ उस की बीवी हूदस के सात बेटे यूबाब, ज़िबिया, मेसा, मलकाम,

10यऊज़, सकियाह और मिरमा पैदा हुए। सब बाद में अपने ख़ानदानों के सरपरस्त बन गए।

11पहली बीवी हुशीम के दो बेटे अबीतूब और इलफ़ाल पैदा हुए।

12इलफ़ाल के आठ बेटे इबर, मिशआम, समद, बरिया, समा, अख़ियो, शाशक़ और यरीमोत थे। समद ओनू, लूद और गिर्दो-नवाह की आबादियों का बानी था। बरिया और समा ऐयालोन के बाशिंदों के सरबराह थे। उन्हीं ने जात के बाशिंदों को निकाल दिया।

15बरिया के बेटे ज़बदियाह, अराद, इदर, मीकाएल, इसफ़ाह और यूख़ा थे।

17इलफ़ाल के मज़ीद बेटे ज़बदियाह, मसुल्लाम, हिज़क़ी, हिबर,

18यिस्मरी, यिज़लियाह और यूबाब थे।

19सिमई के बेटे यक़ीम, ज़िकरी, ज़बदी, इलियैनी, ज़िल्लती, इलियेल, अदायाह, बिरायाह और सिमरात थे।

22शाशक़ के बेटे इसफ़ान, इबर, इलियेल, अब्दोन, ज़िकरी, हनान, हननियाह, ऐलाम, अनतोतियाह, यफ़दियाह और फ़नुएल थे।

26यरोहाम के बेटे सम्सरी, शहारियाह, अतलियाह, यारसियाह, इलियास और ज़िकरी थे।

28यह तमाम ख़ानदानी सरपरस्त नसबनामे में दर्ज थे और यरूशलम में रहते थे।

29जिबऊन का बाप यइयेल जिबऊन में रहता था। उस की बीवी का नाम माका था।

30बड़े से लेकर छोटे तक उनके बेटे अब्दोन, सूर, क़ीस, बाल, नदब,

31जदूर, अख़ियो, ज़कर

32और मिक़लोत थे। मिक़लोत का बेटा सिमाह था। वह भी अपने रिश्तेदारों के साथ यरूशलम में रहते थे।

33नैर क़ीस का बाप था और क़ीस साऊल का। साऊल के चार बेटे यूनतन, मलकीशुअ, अबीनदाब और इशबाल थे।

34यूनतन मरीब्बाल का बाप था और मरीब्बाल मीकाह का।

35मीकाह के चार बेटे फ़ीतून, मलिक, तारीअ और आख़ज़ थे।

36आख़ज़ का बेटा यहुअद्दा था जिसके तीन बेटे अलमत, अज़मावत और ज़िमरी थे। ज़िमरी के हाँ मौज़ा पैदा हुआ,

37मौज़ा के बिनआ, बिनआ के राफ़ा, राफ़ा के इलियासा और इलियासा के असील।

38असील के छः बेटे अज़रीक़ाम, बोकिरू, इसमाईल, सअरियाह, अबदियाह और हनान थे।

39असील के भाई ईशक़ के तीन बेटे बड़े से लेकर छोटे तक औलाम, यऊस और इलीफ़लत थे।

40औलाम के बेटे तजरबाकार फ़ौजी थे जो महारत से तीर चला सकते थे। उनके बहुत-से बेटे और पोते थे, कुल 150 अफ़राद। तमाम मज़कूरा आदमी उनके ख़ानदानों समेत बिनयमीन की औलाद थे।

ذریعہ: किताबे-मुक़द्दस

WEBREATH · 11:11

«He himself gives everyone life and breath and everything else» — Acts 17:25

Breath is one for all: everyone lives by it, whoever they are and whatever they believe. Every day at 11:11 local time people stop for sixty seconds, breathe, and thank GOD for the breath — each in their own words, each within themselves. In that minute we are One Breath.

WEBREATH — the Minute at 11:11, your own local time — we are One Breath