1 तवारीख़ 3
1हबरून में दाऊद बादशाह के दर्जे-ज़ैल बेटे पैदा हुए : पहलौठा अमनोन था जिसकी माँ अख़ीनुअम यज़्रएली थी। दूसरा दानियाल था जिसकी माँ अबीजेल करमिली थी।
2तीसरा अबीसलूम था। उस की माँ माका थी जो जसूर के बादशाह तलमी की बेटी थी। चौथा अदूनियाह था जिसकी माँ हज्जीत थी।
3पाँचवाँ सफ़तियाह था जिसकी माँ अबीताल थी। छटा इतरियाम था जिसकी माँ इजला थी।
4दाऊद के यह छः बेटे उन साढ़े सात सालों के दौरान पैदा हुए जब हबरून उसका दारुल-हुकूमत था। इसके बाद वह यरूशलम में मुंतक़िल हुआ और वहाँ मज़ीद 33 साल हुकूमत करता रहा।
5उस दौरान उस की बीवी बत-सबा बिंत अम्मियेल के चार बेटे सिमआ, सोबाब, नातन और सुलेमान पैदा हुए।
6मज़ीद बेटे भी पैदा हुए, इबहार, इलीसुअ, इलीफ़लत,
7नौजा, नफ़ज, यफ़ीअ,
8इलीसमा, इलियदा और इलीफ़लत। कुल नौ बेटे थे।
9तमर उनकी बहन थी। इनके अलावा दाऊद की दाश्ताओं के बेटे भी थे।
10सुलेमान के हाँ रहुबियाम पैदा हुआ, रहुबियाम के अबियाह, अबियाह के आसा, आसा के यहूसफ़त,
11यहूसफ़त के यहूराम, यहूराम के अख़ज़ियाह, अख़ज़ियाह के युआस,
12युआस के अमसियाह, अमसियाह के अज़रियाह यानी उज़्ज़ियाह, उज़्ज़ियाह के यूताम,
13यूताम के आख़ज़, आख़ज़ के हिज़क़ियाह, हिज़क़ियाह के मनस्सी,
14मनस्सी के अमून और अमून के यूसियाह।
15यूसियाह के चार बेटे बड़े से लेकर छोटे तक यूहनान, यहूयक़ीम, सिदक़ियाह और सल्लूम थे।
16यहूयक़ीम यहूयाकीन का और यहूयाकीन सिदक़ियाह का बाप था।
17यहूयाकीन को बाबल में जिलावतन कर दिया गया। उसके सात बेटे सियालतियेल,
18मलकिराम, फ़िदायाह, शेनाज़्ज़र, यक़मियाह, हूसमा और नदबियाह थे।
19फ़िदायाह के दो बेटे ज़रुब्बाबल और सिमई थे। ज़रुब्बाबल के दो बेटे मसुल्लाम और हननियाह थे। एक बेटी बनाम सलूमीत भी पैदा हुई।
20बाक़ी पाँच बेटों के नाम हसूबा, ओहल, बरकियाह, हसदियाह और यूसब-हसद थे।
21हननियाह के दो बेटे फ़लतियाह और यसायाह थे। यसायाह रिफ़ायाह का बाप था, रिफ़ायाह अरनान का, अरनान अबदियाह का और अबदियाह सकनियाह का।
22सकनियाह के बेटे का नाम समायाह था। समायाह के छः बेटे हत्तूश, इजाल, बरीह, नअरियाह और साफ़त थे।
23नअरियाह के तीन बेटे इलियूऐनी, हिज़क़ियाह और अज़रीक़ाम पैदा हुए।
24इलियूऐनी के सात बेटे हूदावियाह, इलियासिब, फ़िलायाह, अक़्क़ूब, यूहनान, दिलायाह और अनानी थे।
ذریعہ: किताबे-मुक़द्दस
WEBREATH · 11:11
«He himself gives everyone life and breath and everything else» — Acts 17:25
Breath is one for all: everyone lives by it, whoever they are and whatever they believe. Every day at 11:11 local time people stop for sixty seconds, breathe, and thank GOD for the breath — each in their own words, each within themselves. In that minute we are One Breath.
WEBREATH — the Minute at 11:11, your own local time — we are One Breath